दमोह में नकद भुगतान नहीं होने से नाराज किसानों ने सड़क पर लगाया जाम

दमोह कृषि उपज मंडी परिसर में नकद भुगतान नहीं होने से किसान और व्यापारियों के बीच फिर से तनातनी हो गई। विरोध में किसान एकत्रित हुए और प्रदर्शन करते हुए दमोह-सागर स्टेट हाइवे पर सड़क पर जाकर बैठ गए और प्रदर्शन करने लगे। करीब आधा घंटा तक रोड बंद रहा, इसके बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने किसानों को समझाइश दी और जाम खुलवाया। साथ ही बात करने के लिए मंडी कार्यालय लेकर पहुंचे। इसके बाद किसान और व्यापारियों की मीटिंग लेकर दोनों की बात सुनी और समझाइश दी गई। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक डाक बंद रही, जिससे भी किसानों को परेशानी हुई।

किसानों का आरोप, 2 लाख से नीचे भी नहीं दे रहे नकद


इस दौरान किसान खमरगौर के किसान अरविंद पटेल, बम्होरी छपरट के किसान मनोज पटेल ने बताया कि वह उपज लेकर आए हैं। खरीदी हो चुकी हैं, लेकिन अब भुगतान के लिए व्यापारी आरटीजीएस से ही भुगतान करने की बात कर रहे हैं, जबकि नियम अनुसार 2 लाख से कम की राशि का भुगतान नकद मौके पर ही किसान को होना चाहिए। रुपए से बाजार करना है, घर में शादी है, इसीलिए तत्काल में उपज बेचने आए हैं, इधर व्यापारी परेशान कर रहे हैं। जिससे हम प्रदर्शन करने मजबूर हैं।

रोड पर जाम से रुका यातायात, लोग परेशान


किसानों ने नकद भुगतान सहित अन्य समस्याओं को लेकर मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान किसान सड़क पर बैठ गए और मंडी प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए नजर आए। किसानों ने इस दौरान करीब आधे घंटे तक रोड जाम किए रखा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार रॉबिन जैन ने किसानों से बात की और उनकी सभी समस्याओं का समाधान करने कहा। इसके बाद किसान माने और बात करने के लिए तैयार हुए।

किसानों और व्यापारियों ने सुनाई अपनी समस्या


तहसीलदार ने पहले किसानों से उनकी समस्याएं जानने का प्रयास किया, जिसमें किसानों ने नकद भुगतान नहीं होने, मंडी में अव्यवस्थाएं, पर्ची कटवाने के बाद दूसरे दिन तक उपज रखे नहीं रहने देने, अनाज चोरी होने जैसी समस्याओं को बताया। जिस पर तहसीलदार ने सचिव जीएस मुड़ा से सवाल किए और तत्काल समाधान के लिए कहा। इसके बाद व्यापारियों से भी चर्चा की। व्यापारियों ने बताया कि बैंक से इस समय नकद राशि कम मिल रही है, जिससे नकद नहीं दे पा रहे हैं। छोटे भुगतान करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद तहसीलदार ने शेड में पहुंचकर डाक व्यवस्था शुरू कराई।