क्लासरूम को बनाया बेडरूम,शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों पर गंभीर सवाल हुए खड़े
नवभारत साक्षरता अभियान के तहत असाक्षरों की आकलन परीक्षा के दौरान एक ग्राम चेतना केंद्र की फोटो जो वायरल हुई है चर्चाओं में ऐसा बताया जा रहा है कि जिले में गोटेगांव की एक विद्यालय की वायरल फोटो ने स्कूल में ही अपनी निजी सुविधा के लिए पूरा कमरा बेडरूम में बदल दिया।उस विद्यालय के शिक्षक ने विभाग के नियमों का मजाक उड़ाते हुए क्लासरूम को ही बेडरूम बना दिया।कमरे में बच्चों को पढ़ाने की गतिविधियां के बजाए ऐशो-आराम की सारी सुविधाएं लगाई गई है।
कथित स्कूल के कमरे में क्लास रूम में जहां ब्लैक बोर्ड, डस्टर, चॉक, किताब और पेंसिल चॉक चौबंद व्यवस्था और साफ सुथरा माहौल होना चाहिए,इसके बजाय वहां आराम करने के लिए बिस्तर पेटी है, गद्दा और रजाई चादर इत्यादि है गैस, चूल्हा, टीवी कूलर और पंखा भी मौजूद है। स्कूल की हेडमास्टर ने क्लासरुम को बेडरूम में बदल दिया है।हालांकि अब यह पूरा मामला सामने आने के बाद डीईओ डीपीसी इस मामले की जांच के साथ निरीक्षण और मॉनिटरिंग के लिए जिम्मेदार संकुल प्राचार्य जन शिक्षक बीएसी और बीआरसी के साथ विकासखंड शिक्षा अधिकारी पर क्या कार्रवाई करते हैं या उन दोषियों पर कार्यवाही प्रस्तावित करते हैं जिससे स्कूल शिक्षा मंत्री के जिले में शिक्षा की खुलती कलई पर लगाम लग सके।

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