दूसरे के आधार पर फर्जी सिम बेची, दो आरोपी गिरफ्तार, दमोह पुलिस की ऑपरेशन FACE के तहत कार्रवाई, 1204 फर्जी सिम कार्ड का खुलासा
दमोह पुलिस ने धोखाधड़ी कर दूसरे व्यक्तियों के आधार कार्ड पर फर्जी सिम कार्ड सक्रिय कर बेचने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। राज्य साइबर सेल भोपाल के 'ऑपरेशन FACE' के तहत यह बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
ब्लैक मार्केट में बेचते थे फर्जी सिम कार्ड
सोमवार को मामले का खुलासा करते हुए थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया कि आरोपी भरत उर्फ मोंटी तंतवाय और रजनीश अहिरवार अन्य लोगों के आधार कार्ड का उपयोग करते थे। वे सिम कार्ड के आवेदन फॉर्म (CAF) में आधार कार्ड तो दूसरे का लगाते थे, लेकिन फोटो अपनी लगा देते थे। इस तरह फर्जी सिम तैयार कर उन्हें ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।
1204 फर्जी नंबरों का खुलासा
जांच के दौरान वर्ष 2019 से 2021 के बीच कुल 1204 फर्जी सिम कार्ड सक्रिय पाए गए हैं। साइबर सेल भोपाल और दमोह से प्राप्त पांच डायरेक्टरी और टेलीकॉम कंपनियों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इन फर्जी नंबरों की पहचान की। हटा निवासी प्रवीण राज दुबे और अखिलेश चौरसिया के बयानों के बाद इन दोनों मुख्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आई।
धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी भरत और रजनीश के खिलाफ धारा 419, 468, 471, 34 और आईटी एक्ट की धारा 66 (C) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन फर्जी सिम कार्डों का उपयोग किन आपराधिक गतिविधियों में किया गया है।

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