बीना और खुरई में परशुराम जयंती पर निकाली शोभायात्रा, कथावाचक बोले भगवान का चरित्र अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देने वाला
बीना और खुरई में भगवान परशुराम जयंती पर सर्व ब्राह्मण समाज ने धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस दौरान शोभायात्राएं निकाली गईं, जिससे नगर भगवान परशुराम के जयकारों से गूंज उठा, बीना के नरसिंह मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक किया गया। इसमें भगवान शिव और भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई। रुद्राभिषेक के बाद परशुराम चालीसा का सामूहिक पाठ हुआ, जिसके उपरांत भजन-कीर्तन और हवन-पूजन का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर भक्ति गीतों और वैदिक मंत्रों से गूंज उठा। इसके बाद भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा नरसिंह मंदिर से शुरू होकर थाने के पीछे, सर्वोदय चौराहा, कॉलेज तिराहा, गांधी चौराहा, महावीर चौक, मां जागेश्वरी मार्ग से होते हुए वापस नरसिंह मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। इस अवसर पर संत सियावल्लभ जी महाराज का विशेष सम्मान किया गया। उन्होंने अपने प्रवचन में सनातन धर्म की महत्ता, सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और संस्कारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। संत ने युवाओं से भारतीय संस्कृति अपनाने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
भगवान परशुराम का अभिषेक हुआ
खुरई में भी सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। नगर पालिका के पास स्थित भगवान परशुराम मंदिर में सर्वप्रथम भगवान शिव और भगवान परशुराम का अभिषेक और पूजन किया गया। इसके बाद पुराने हनुमान मंदिर से शोभायात्रा शुरू हुई। शहर के परसा चौराहा, झंडा चौक, पठार से होते हुए भगवान परशुराम जी के मंदिर में इसका समापन हुआ। इस बार शोभायात्रा में महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाएं भजन कीर्तन करते हुए चल रहीं थीं। शोभायात्रा में पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे सहित समाज के लोग भजनों पर जमकर थिरकते हुए नजर आए।शोभायात्रा के उपरांत धर्म सभा का आयोजन किया गया। जिसमें सर्व ब्राह्मण समाज के संरक्षक एवं पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे ने कहा कि हम सभी समाज के लोगों को एक मिलकर रहना होगा तभी समाज का विकास हो सकता है। यदि हम लोग अलग-अलग रहे तो इससे दूसरे लोग हमारा लाभ ले सकते हैं। सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष राजेश पटेरिया ने कहा कि भगवान परशुराम केवल शक्ति के प्रतीक नहीं, बल्कि न्याय, संयम और संस्कारों के प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन समाज को धर्म के मार्ग पर चलने की सीख देता है। सर्व ब्राह्मण समाज के युवा अध्यक्ष सुशील दुबे ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके पराक्रम, तपस्या, त्याग और धर्म रक्षा के आदर्शों के बारे में बताया। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।


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