मारपीट की घटना से एनएससी जयंत के सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल, एनएससी प्रभारी की भूमिका पर सवाल
मामला तीन दिन पूर्व का है, जब दबंग नितिन चौरसिया और उसकी पत्नी डॉ. मोलिना चौरसिया ने ऑपरेशन थिएटर में जबरन प्रवेश कर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. रवि शाह के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उस वक्त ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी चल रही थी, बावजूद इसके दबंग वाज ने किसी भी नियम-कानून की परवाह नहीं की। घटना के बाद जयंत पुलिस चौकी में नितिन चौरसिया के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है। इसके बावजूद हालात यह हैं कि पीड़ित चिकित्सक का परिवार आज दहशत के साये में जीने को मजबूर है। सूत्रों का दावा है कि अस्पताल के भीतर और बाहर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि डॉ. रवि शाह नौकरी छोड़कर यहां से चले जाएं, ताकि उसके बाद मनमानी का रास्ता साफ हो सके। सवाल यह है कि अपराध दर्ज होने के बावजूद पीड़ि़त को ही क्यों हटाने की कोशिश की जा रही है। चिकित्सा जगत से जुड़े कई लोगों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि अगर एक डॉक्टर ऑपरेशन थिएटर में भी सुरक्षित नहीं है, तो आम मरीजों की सुरक्षा की क्या गारंटी है।
घटना के बाद भी एनएससी प्रभारी की चुप्पी पर सवाल
इस घटना ने एनएससी की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक नियंत्रण को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे मामले में एनएससी के प्रभारी डॉ. पंकज कुमार की भूमिका को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि घटना के बाद न तो सख्त प्रशासनिक कार्रवाई हुई और न ही पीड़ित डॉक्टर को खुला समर्थन मिला। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि आखिर यह दबंगई किसके संरक्षण में फल-फूल रही है। यदि समय रहते दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई और चिकित्सकों को सुरक्षा का भरोसा नहीं दिया गया, तो यह मामला सिर्फ एक डॉक्टर का नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की साख पर गहरा धब्बा बन जाएगा। अब निगाहें प्रशासन और पुलिस पर हैं, क्या दबंगों पर शिकंजा कसेगा या फिर सच में एक ईमानदार चिकित्सक को नौकरी छोड़ने पर मजबूर कर दिया जाएगा।
संवाददाता :- आशीष सोनी

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