भास्कर के समर्थकों का शक्ति प्रदर्शन, जिला बदर पर सुनवाई टली, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
कलेक्टर कार्यालय के बाहर घंटों तक नारेबाजी और जुटान चलता रहा, जिससे पूरा परिसर राजनीतिक मंच में तब्दील हो गया। समर्थकों की भारी भीड़ के बीच कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक लड़ाई बताते हुए प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में काम करने के आरोप लगाए और तहसीलदार जाहन्वी शुक्ला को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। बता दें कि नेताओं का कहना था कि भास्कर मिश्रा हरिजन, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग और विस्थापितों की आवाज उठा रहे हैं, इसी कारण लगातार उन पर मामले दर्ज कर जिला बदर की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कोयला चोरी से लेकर पैसों के बदले नौकरी देने तक के मामलों पर कार्रवाई नहीं होती, लेकिन इन गड़बड़ियों के खिलाफ बोलने वालों पर एफआईआर और जिला बदर की तलवार लटका दी जाती है। कलेक्ट्रेट के बाहर शक्ति प्रदर्शन के बीच कलेक्टर के समक्ष सुनवाई हुई, लेकिन निर्णय के बजाय अगली तारीख तय हुई और जिला बदर की कार्यवाही पर अंतिम फैसला टल गया। कलेक्टर ने नये साल में 30 जनवरी की तारीख तय कर सुनवाई आगे बढ़ा दी, जिससे समर्थकों में नाराजगी के साथ जिज्ञासा भी बनी रही कि आगे क्या होगा। वहीं आगामी दिनों में न्याय न मिलने पर धरना प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र द्विवेदी, ग्रामीण जिलाध्यक्ष के पूर्व विधायक सरस्वती सिंह, पूर्व प्रदेश महामंत्री अमित द्विवेदी, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक सिंह पैगाम, मनोज शाह, संकठा सिंह चौहान सहित अन्य मौजूद रहे।
संवाददाता :- आशीष सोनी

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