पलेरा में दरिंदगी पर पुलिस का 'वज्र प्रहार': 48 घंटे में दो दुष्कर्मी सलाखों के पीछे
पलेरा थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली दो अलग-अलग घटनाओं ने क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। लेकिन पलेरा पुलिस ने इन मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए महज दो दिनों के भीतर न केवल आरोपियों को दबोचा, बल्कि उन्हें उनके असली ठिकाने—जेल की कालकोठरी तक पहुंचा दिया है।
पहली घटना: पुलिस की तत्परता से गिरफ्त में आरोपी प्रेम नारायण
पहली वारदात में आरोपी प्रेम नारायण यादव ने अपनी हदों को पार करते हुए मासूमियत को तार-तार करने का प्रयास किया। मामला सामने आते ही पलेरा पुलिस ने बिना वक्त गंवाए आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पास्को एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की सक्रियता का नतीजा यह रहा कि आरोपी प्रेम नारायण यादव आज सलाखों के पीछे अपने कुकर्मों की सजा भुगत रहा है।
दूसरी घटना: 'गुरु' बना 'भेड़िया', शिक्षा के मंदिर को किया कलंकित
सबसे सनसनीखेज और आक्रोशित करने वाला मामला एक स्कूल से सामने आया है, जहां ज्ञान बांटने वाले शिक्षक ने ही रक्षक से भक्षक की भूमिका अपना ली। शिक्षक कासिम खान ने स्कूल परिसर के भीतर ही इस घृणित घटना को अंजाम दिया। एक शिक्षक द्वारा स्कूल में की गई इस करतूत ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। पलेरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक कासिम खान पर पास्को एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे तत्काल जेल भेज दिया है। पलेरा पुलिस का कड़ा संदेश इन दोनों मामलों में पुलिस की त्वरित गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई ने अपराधियों के मन में खौफ पैदा कर दिया है। थाना पलेरा की इस कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है, जिससे यह साफ संदेश गया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हिंदू संगठन ने ज्ञापन सौंप कर आरोपी के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई की मांग की।
संवाददाता :- मुहम्मद ख्वाजा

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