628 फर्जी छात्रों के नाम पर 26 लाख की लूट, EOW ने 6 स्कूलों पर कसा शिकंजा
जबलपुर में शिक्षा के अधिकार में बड़ा फर्जीवाड़ा
जबलपुर में शिक्षा के नाम पर जालसाजी का एक ऐसा खेल सामने आया है जिसने विभाग में हड़कंप मचा दिया है। RTI (RTE) के तहत गरीब बच्चों के मुफ्त एडमिशन के नाम पर सरकारी फंड का बंदरबांट किया गया। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी EOW की जांच में खुलासा हुआ है कि शहर के 6 स्कूलों ने मिलकर शासन को करीब 26 लाख रुपये से ज्यादा का चूना लगाया है।
इन स्कूलों पर गिरी गाज
- स्मिता चिल्ड्रन एकेडमी
- आदर्श ज्ञान सागर स्कूल
- गुरू पब्लिक स्कूल
- आदेश उस्मानिया मिडिल स्कूल
- अशासकीय शाला उस्मानिया मिडिल स्कूल
जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि इन स्कूलों ने कुल 628 छात्रों के फर्जी एडमिशन दिखाए। हद तो तब हो गई जब एक ही छात्र का नाम अलग-अलग सत्रों और अलग-अलग स्कूलों में कई बार दर्ज कर राशि हड़पी गई। इस पूरे खेल में सिर्फ स्कूल संचालक ही नहीं, बल्कि विभाग के नोडल अधिकारी भी शामिल थे, जिनकी मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा सालों तक फलता-फूलता रहा।
जांच में पाया गया कि स्कूलों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रतिपूर्ति राशि (Reimbursement) प्राप्त की। नोडल अधिकारियों ने बिना सत्यापन के राशि पास की। सभी दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। हैरानी की बात यह है कि जिस फंड से किसी गरीब बच्चे की जिंदगी संवर सकती थी, उसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। फिलहाल EOW ने मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही इस घोटाले में कुछ बड़ी गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
संवाददाता :- आशीष सोनी

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