सनातन रक्षा परिषद अखण्ड भारत का संगठन हुआ सक्रिय, विवादित अतिथि विद्वान के खिलाफ खोला मोर्चा
परिषद के संतशरण भट्ट, धीरेंद्र कुमार शर्मा, विकास जायसवाल, संदीप शर्मा, आकाश सिंह, संदीप यादव सहित दर्जनभर पदाधिकारी एवं सदस्यों ने दिन गुरूवार को कॉलेज पहुंचे और प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि एक चरित्रहीन कथित एक अतिथि विद्वान के खिलाफ गंभीर शिकायत होने के बावजूद कॉलेज प्रबंधन अब तक मौन क्यों है। सनातन रक्षा परिषद अखण्ड भारत के पदाधिकारियों का कहना है कि पीड़ि़त छात्रा के पति भारतीय सेना में तैनात हैं और उन्होंने पूरे घटनाक्रम की शिकायत सीएम हेल्पलाइन 181 में दर्ज कराई है। इसके बावजूद न तो पुलिस हरकत में आई और न ही कॉलेज प्रशासन ने कोई न्यायोचित कार्रवाई की। उल्टा शिकायतकर्ता पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाए जाने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं ज्ञापन में बताया गया कि कुछ दिन पूर्व उक्त अतिथि विद्वान ने छात्रा को रात करीब 10:30 बजे व्हाट्सएप कॉल कर अश्लील बातें की और बाद में रविवार को अकेले क्लास लगाने का प्रस्ताव रखा। छात्रा ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कॉल काट दी और पूरा घटनाक्रम अपने पति को बताया। इसके बाद पीड़िता के पति ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर कड़ी कार्रवाई की मांग की, साथ ही सनातन रक्षा परिषद अखण्ड भारत के सदस्यों का यह भी आरोप है कि पूर्व में भी उक्त महाविद्यालय में लव जिहाद धर्मांतरण, जातीय विभेदता के मामले भी सामने आ चुके हैं और कार्रवाईयां भी हुई है, लेकिन यह मामला काफी संवेदनशील है।
कॉलेज में तालाबंदी कराने का दिया है अल्टीमेटम
उक्त संगठन के संतशरण भट्ट ने प्राचार्य को ज्ञापन सौपते हुये कड़े शब्दों में कहा है कि चरित्रहीन शिक्षक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई, थाने में एफआईआर एवं महाविद्यालय से पृथक करने की कार्रवाई करें, अन्यथा 48 घंटे बाद सनातन रक्षा परिषद अखण्ड भारत से जुड़े सदस्य प्राचार्य के खिलाफ उग्र आंदोलन, प्रदर्शन करते हुये कॉलेज में तालाबंदी कराई जाएगी और चरित्रहीन एक अतिथि विद्वान को यहां से भगाया जाएगा। इधर उक्त संगठन के ज्ञापन सौपने के बाद प्राचार्य भी टेंशन में आ गये है। हालांकि 48 घंटे के अंदर प्राचार्य एक्शन लेते हैं, या फिर शिकायतकर्ता को डरा-धमका कर उक्त प्रकरण को बंद कराने की कवायद करेंगे। उधर उक्त मामले में दो प्रमुख छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं एनएसयूआई के पदाधिकारियों की चुप्पी पर भी तरह-तरह के सवाल खड़े किये जा रहे हैं।
प्राचार्य ने आंतरिक जांच भी नही बैठाई, पुलिस अनजान
सबसे गंभीर सवाल यह है कि घटना को करीब पांच दिन बीत जाने के बाद भी न तो कॉलेज प्रबंधन ने आंतरिक जांच बैठाई और न ही पुलिस प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया। परिषद का आरोप है कि प्राचार्य स्तर पर मामले को दबाने का प्रयास किया गया, ताकि कॉलेज की छवि प्रभावित न हो। सनातन रक्षा परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर अतिथि विद्वान को महाविद्यालय परिसर से हटाकर उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई नहीं की गई, तो परिषद सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। परिषद के सामने आने के बाद अब उक्त अतिथि विद्वान की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं और कॉलेज प्रशासन की चुप्पी अब भारी पड़ सकती है, साथ ही प्रबुद्धजन पुलिस की चुप्पी पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। वैसे तो पुलिस छोटी-छोटी बातों को, जहां उनका स्वार्थ जुड़ा होता है, उसे तो गौर कर एक्शन लेती है। परंतु इतनी बात सामने आने के बावजूद पुलिस की भूमिका कहीं भी सार्थक नही दिख रही है।
संवाददाता :- आशीष सोनी

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