आखिर क्यों कुम्हारी छात्रावास की बालिकाओं को कुम्हारी के चौराहे पर करना पड़ा धरना प्रदर्शन 


मामला कुम्हारी के कस्तूरबा गांधी छात्रावास का है जहाँ छात्रावास की बालिकाओं ने छात्रावास की मैडम के ऊपर आरोप लगाए है कि मैडम बच्चियों को प्रताड़ित करती है और न कभी समय पे आती है और सुबह से न कोई उन्हें नाश्ता मिलता है और न ही टाइम से खाना दिया जाता है और अगर बच्चियाँ अगर किसी से शिकायत करने को कहती है तो मैडम मरने मारने तक की धमकियां देती है बालिकाओं ने अब साहस दिखाया और कार्यवाही के लिए छात्रावास से बाहर निकलकर कुम्हारी थाना प्रागंण में 1 घंटे से भी ज्यादा समय तक धरना दिया जहां पर पाया गया कुम्हारी थाना प्रभारी भी मौजूद नहीं है वहीं पर कुछ बच्चियों की तबियत भी बिगड़ गई 1 से 2 घंटे के धरना के बाद नायाब तहसीलदार मानसी अग्रवाल को सूचित किया गया जो मौके पर मौजूद हुई फिर बच्चियों को कार्यवाही से संतुष्टि नहीं हुई तो बच्चियां कुम्हारी के चौराहे पर जाकर बैठ गई मौके पर d.p.c मुकेश द्विवेदी एवं A.p.c रविशंकर पाठक ने बच्चियों को संतोष जनक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

किंतु सवाल यह उठता है कि शासन प्रशासन घटना होने के बाद ही क्यों अधिकारियों के लिए जांच प्रेषित करता है घटना से पहले यदि छात्रावास की अच्छे से जांच हो जाती तो बालिकाओं को सड़क पर नहीं उतरना पड़ता।

संवाददाता :- प्रांजल तिवारी