मुफ्त परीक्षा फॉर्म के नाम पर गरीब छात्रों से वसूली, विद्यालय के प्राचार्य पर आरोप
छात्रों ने आरोप लगाया है कि शासन द्वारा नि:शुल्क परीक्षा फॉर्म की सुविधा होने के बावजूद उनसे प्रति छात्र करीब 1300 रुपये वसूले गए। मामले को लेकर छात्रों ने आज दिन मंगलवार को जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी है। आवेदन में यह भी लिखा गया है कि स्कूल के एक शिक्षक द्वारा कहा गया कि जहां शिकायत करना है कर दो, मेरा कुछ नहीं होगा। इस तरह की भाषा और रवैया शिक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले ये छात्र आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं। किसी ने कर्ज लेकर तो किसी ने मजदूरी कर परीक्षा शुल्क जमा किया।
निष्पक्ष जांच कराकर राशि वापस दिलाने की मांग
मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। यदि शासन की स्पष्ट गाइडलाइन के बावजूद शुल्क वसूला गया है तो यह सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है। जानकारों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। छात्रों ने कलेक्टर से मांग की है कि उनसे वसूली गई राशि वापस कराई जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और गरीब छात्रों को न्याय कब तक मिलता है। फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और विद्यालय के प्राचार्य की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगा है।
संवाददाता :- आशीष सोनी

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