भाजपा में अनुशासन या पद का कवच,मोरवा प्रकरण ने खोली पोल, पुराने मामलों में दिखी थी त्वरित सख्ती
राजनीतिक गलियारों में इस मामले की तुलना वर्ष 2023 के प्रकरण से की जा रही है, जब भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य प्रवीण तिवारी को तत्कालीन जिला अध्यक्ष राम सुमिरन गुप्ता ने अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया था। उस समय नोटिस के साथ ही बेहद कम समय में प्रवीण तिवारी को पार्टी से 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया था। खास बात यह रही कि प्रवीण तिवारी ने भी अपना जवाब प्रस्तुत किया था, लेकिन जिला अध्यक्ष और अन्य नेता उस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और तत्काल सख्त कार्रवाई कर दी गई। हालांकि बाद में प्रवीण तिवारी की पार्टी में वापसी हो गई, लेकिन वह मामला आज भी कई सवाल छोड़ गया। मोरवा का ताजा मामला 26 दिसंबर को एनसीएल मुख्यालय के सामने घटित घटना से जुड़ा है। आरोप है कि संविदा कर्मी शंकर प्रसाद बैस के पुत्र सत्यनारायण बैस के भाजपा मंडल अध्यक्ष विनोद कुरवंशी और उनके आधा दर्जन साथियों ने बेरहमी से मारपीट की थी। घटना के बाद मामला तूल पकड़ गया और मोरवा थाने में विनोद सिंह सहित अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया। इस घटना से बैस समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। समाज के लोगों ने संगठित होकर भाजपा जिला अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि मंडल अध्यक्ष को पद से पृथक कर पार्टी से निष्कासित नहीं किया गया, तो बैस समाज बड़ा आंदोलन करेगा। दबाव बढ़ने पर भाजपा जिला अध्यक्ष द्वारा मंडल अध्यक्ष को नोटिस तो जारी किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रतिनिधि मण्डल भोपाल जाने की तैयारी में
अब बैस समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जिला स्तर पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो समाज का प्रतिनिधि मंडल भोपाल पहुंचकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से सीधे मुलाकात करेगा और उन्हें ज्ञापन सौंपकर मंडल अध्यक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेगा। इसके साथ ही जिला भाजपा कार्यालय में ज्ञापन और बड़े आंदोलन की रणनीति भी बनाई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन की यह चुप्पी भाजपा के अनुशासन और नैतिकता के दावों को कमजोर कर रही है। कार्रवाई में देरी अब संगठन के लिए ही भारी पड़ती नजर आ रही है।
नोटिस का जवाब मिलने पर भी कार्रवाई शून्य
इस पूरे मामले पर भाजपा जिला अध्यक्ष सुंदरलाल शाह का कहना है कि विनोद कुरवंशी ने नोटिस का जवाब दे दिया है, जिसे प्रदेश कार्यालय भेज दिया गया है और वहीं से अंतिम निर्णय होगा। लेकिन यही सवाल उठ रहा है कि जब प्रवीण तिवारी जिला कार्य समिति सदस्य थे, तब उनका मामला प्रदेश कार्यालय क्यों नहीं भेजा गया और तत्काल निष्कासन क्यों किया गया था। अब बैस समाज एक बार फिर मुखर होने की रणनीति बना रहा है। समाज के नेताओं का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रदेश कार्यालय जाकर प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री से मुलाकात करेंगे और पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए न्याय की मांग करेंगे। भाजपा के लिए यह मामला केवल अनुशासन का नहीं, बल्कि संगठन की निष्पक्षता और विश्वसनीयता की बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।
इनका कहना:-
विनोद कुरवंशी का जवाब प्राप्त हुआ है। उसी जवाब को प्रदेश कार्यालय भेज दिया गया है।
सुन्दरलाल शाह
जिलाध्यक्ष-भाजपा, सिंगरौली
संवाददाता :- आशीष सोनी

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