दमोह में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नियुक्ति पर पैसों के लेन-देन का आरोप, लड़की ने शिकायत करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। जानिए पूरा मामला...



दमोह जिले के पथरिया ब्लॉक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक महिला अभ्यर्थी ने आरोप लगाया है कि पैसों के लेनदेन के कारण उसे नौकरी नहीं दी गई और दूसरी महिला को नियुक्त कर दिया गया। ग्राम सतओआ निवासी कीर्ति अहिरवार (पिता हलकु अहिरवार) ने बताया कि उन्होंने जुलाई माह में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए आवेदन किया था। जारी की गई शुरुआती सूची में उनका नाम पहले नंबर पर था।


दूसरे नंबर की अभ्यर्थी को मिली नौकरी:

कीर्ति का कहना है कि कुछ दिनों बाद सूची में दूसरे नंबर पर रही महिला को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने पैसों का लेनदेन कर यह नियुक्ति की। कीर्ति ने यह भी दावा किया कि उनका नाम बीपीएल राशन कार्ड से भी हटा दिया गया, जिससे उन्हें नुकसान हुआ।


अधिकारियों ने आरोपों को बताया गलत:

इस मामले में पथरिया के परियोजना अधिकारी राजकुमार ने लड़कियों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि अंतरिम सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियां मांगी गई थीं। उस समय कीर्ति अहिरवार का नाम बीपीएल कार्ड में दर्ज नहीं था अधिकारी के अनुसार, बीपीएल कार्ड में नाम न होने के कारण दूसरे अभ्यर्थी को नियुक्ति दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को आपत्ति है तो वह न्यायालय में मामला दर्ज करा सकता है। 


- नोफ़िकर न्यूज़ दमोह