महीनों से वेतन लंबित, आवाज उठाने पर नौकरी से निकालने की धमकी....
सफाईकर्मियों का आरोप है कि दो वर्षों से लगातार कार्य करने के बावजूद न तो उनका पहचान पत्र बनाया गया और न ही किसी प्रकार के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। गंदगी और बीमारियों के बीच काम करने को मजबूर ये कर्मचारी बिना दस्ताने, मास्क और जूते के नालियों व कचरे की सफाई कर रहे हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जब कोई सफाईकर्मी अपनी मजदूरी और अधिकारों की बात करता है तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। इससे कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है। वेतन मांगना अब अपराध बना दिया गया है और प्रशासनिक लापरवाही खुलेआम उजागर हो रही है। सफाई मित्रों का कहना है कि उन्हें न तो बोनस मिलता है और न ही किसी योजना का लाभ दिया जाता है। नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि यही हाल रहा तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। सफाईकर्मियों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि तत्काल उनके लंबित वेतन का भुगतान कराया जाए, सभी कर्मचारियों के पहचान पत्र बनाए जाएं, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और धमकी देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो सफाईकर्मी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन की होगी।
संवाददाता :- आशीष सोनी

0 Comments