पंचायत में जांच टीम की पड़ताल,वर्षों से अधूरे निर्माण कार्यों की खुली पोल
चितरंगी जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खटाई में बीते दिन शनिवार को उस समय हलचल मच गई, जब जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच टीम गांव पहुंची।
खटाई पंचायत के सरपंच एवं निवासी विजय कुमार जायसवाल की शिकायत पर यह जांच कराई गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर शिकायत में दर्ज बिंदुओं की बिंदुवार जांच की, जिसमें आधा दर्जन से अधिक निर्माण कार्य वर्षों से अधूरे पाए गए। जांच के दौरान सामने आया कि कई निर्माण कार्य लगभग तीन साल पूर्व स्वीकृत हुए थे, लेकिन आज तक पूरे नहीं हो सके। ग्रामीणों के अनुसार चार साल पूर्व सरपंच एवं सचिव भगवान सिंह के कार्यकाल के दौरान कराए जाने थे, परंतु अधिकांश काम अधूरे ही छोड़ दिए गए। मौके पर जिन कार्यों की स्थिति देखी गई, उनमें से पीसीसी सड़क निर्माण खसरा क्रमांक 640, आंगनबाड़ी भवन के पास शोकपिट निर्माण, नोढ़िया आंगनबाड़ी शोकपिट, शांति धाम निर्माण कार्य खटाई सहित अन्य निर्माणाधीन कार्य शामिल हैं। इधर सूत्र बता रहे हैं कि हालांकि जांच के दौरान यह चर्चा भी रही कि टीम के कुछ सदस्य पूर्व सरपंच और तत्कालीन सचिव भगवान सिंह के पक्ष में नजर आ रहे थे। ग्रामीणों के बीच यह फुसफुसाहट चलती रही कि जांच कहीं औपचारिकता बनकर न रह जाए। लेकिन जांच टीम के मुखिया, अतिरिक्त जिला सीईओ जिला पंचायत ने मौके पर मौजूद पंचायत सचिव को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट कहा कि आज तक यह कार्य पूरा क्यों नहीं हो पाया, उन्होंने अधूरे कार्यों की स्थिति पर नाराजगी जताई और संबंधित दस्तावेजों की जांच भी की। जांच के समय शिकायतकर्ता के साथ भारी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने टीम को मौके पर ले जाकर अधूरे कार्यों की वास्तविक स्थिति दिखाई। कई स्थानों पर निर्माण कार्य केवल कागजों में पूर्ण बताए गए थे, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही थी।
संवाददाता :- आशीष सोनी

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