नगर निगम खुद कूड़ा में डूबा, फिर शहर को क्लीन बनाने का दावा किस मुंह से?


जिस नगर निगम के कंधों पर पूरे शहर की सफाई और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है, वही नगर निगम कार्यालय आज खुद गंदगी, बदबू और अव्यवस्था का नमूना बना हुआ है। निगम परिसर के अंदर फैली गंदगी, टूटे हुए टाइल्स, बदबूदार शौचालय और जर्जर हालात यह साबित करने के लिए काफी हैं कि सिंगरौली नगर निगम में स्वच्छता केवल फाइलों और फोटो तक सीमित रह गई है।

स्वच्छता और हेल्थ डिपार्टमेंट पर हर महीने करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हालात बद से बदतर हैं, सवाल यह है कि यह पैसा आखिर जा कहां रहा है? जब निगम के अपने दफ्तर में ही सफाई नहीं हो पा रही, तो पूरे शहर में स्वच्छता अभियान सिर्फ दिखावा क्यों बनकर रह गया है?

नगर निगम सिंगरौली के हेल्थ ऑफिसर पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहे हैं। अधिकारी बदले, जिम्मेदारियां बदलीं, लेकिन व्यवस्था जस की तस रही,आरोप है कि कमीशनखोरी और दलाली के खेल में आम जनता के स्वास्थ्य से खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। गंदगी और बदबू बीमारियों को न्योता दे रही है, लेकिन जिम्मेदारों को कोई फर्क नहीं पड़ता।

निगम कार्यालय के अंदर की ये तस्वीरें नगर निगम की पोल खोलने के लिए काफी हैं। यही हाल अगर जिम्मेदार विभाग का है, तो शहर की गलियों, वार्डों और मोहल्लों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

अब बड़ा सवाल यह है -

1: क्या कमिश्नर और शासन इस गंभीर लापरवाही पर संज्ञान लेंगे?

2: क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?

अगर अब भी आंखें नहीं खुलीं, तो आने वाले समय में इसका खामियाजा पूरे सिंगरौली की जनता को अपनी सेहत से चुकाना।

संवाददाता :- आशीष सोनी