चूल्हा जलना हुआ मुहाल: पलेरा में सिलेंडर पाने के लिए सुबह 5 बजे से सड़कों पर डटे लोग
नगर में रसोई गैस की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। पिछले कई दिनों से जारी गैस की किल्लत के चलते शनिवार को वितरण केंद्र पर उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया। सुबह की पहली किरण के साथ ही खाली सिलेंडर लेकर लोग केंद्र पर पहुँचने लगे, जिससे कुछ ही घंटों में 50 से 60 मीटर लंबी कतारें लग गईं। भीषण गर्मी और अव्यवस्था के बीच घंटों इंतजार करने के बाद भी कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा। चूल्हा जलना हुआ मुहाल, गृहणियां परेशान
गैस की अनुपलब्धता का सबसे अधिक असर घरेलू बजट और रसोई पर पड़ रहा है। गृहणियों का कहना है कि समय पर रिफिल न मिलने के कारण दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है। कई परिवारों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बुकिंग के हफ्तों बाद भी सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जा रही है, जिससे स्थिति और भी विकराल हो गई है।
अव्यवस्था का आलम, प्रशासन मौन
वितरण केंद्र पर उमड़ी भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आए। घंटों कतार में खड़े बुजुर्गों और महिलाओं के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं थी। नागरिकों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को इस किल्लत से निजात मिल सके।
इनका कहना है,जावेद अली,
सुबह 5 बजे से लाइन में हैं"तीन दिन से लगातार चक्कर लगा रहा हूँ। आज सुबह 5 बजे से लाइन में खड़ा हूँ, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया। घर में चूल्हा नहीं जल पा रहा है, प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए,
जावेद अली, स्थानीय निवासी।
संवाददाता:- मुहम्मद ख्वाजा

0 Comments