मध्यप्रदेश में एक बार फिर भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल
जानकारी के अनुसार, यह परीक्षा मुंबई की कंपनी ‘एप्टेक लिमिटेड’ को ठेके पर दी गई थी। आरोप है कि कंपनी का नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया गया, जबकि परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी उसी के पास थी। यही नहीं, खबरों के मुताबिक इस कंपनी को पहले उत्तर प्रदेश और असम जैसे राज्यों में ब्लैकलिस्ट भी किया जा चुका है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि किसी कंपनी का रिकॉर्ड विवादों से घिरा रहा है, तो उसे इतनी महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा का ठेका किस आधार पर दिया गया?
रतलाम स्थित परीक्षा केंद्र ‘रतलाम पब्लिक स्कूल’ को इस मामले के बाद प्रतिबंधित कर दिया गया है और भविष्य में वहां किसी भी भर्ती या प्रवेश परीक्षा के आयोजन पर रोक लगा दी गई है। लेकिन केवल परीक्षा केंद्र को बैन कर देने से क्या पूरी जिम्मेदारी तय हो जाती है? परीक्षा संचालन में तकनीकी व्यवस्था, सर्वर प्रबंधन, प्रश्नपत्र सुरक्षा और निगरानी जैसे कई स्तर शामिल होते हैं। यदि किसी स्तर पर चूक हुई है तो उसकी जवाबदेही तय करना आवश्यक है।
संवाददाता:- मदन सींग लोधी


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