ढाई साल से अटकी सड़क परियोजना, सिंगरौली-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर सांसद हुए सक्रिय
प्रस्तावित मार्ग में करीब तीन हजार से अधिक भवनों के निर्माण के चलते कइयों को अवैध मानकर शिकायत की गई थी, जिसमें केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पहले प्रस्तावित एलाइनमेंट को निरस्त कर दिया गया था, जिससे सड़क निर्माण की प्रक्रिया रुक गई थी। इस महत्वपूर्ण विषय को नवभारत ने प्रमुखता से उठाते हुए लगातार खबर प्रकाशित की, जिसके बाद अब जनप्रतिनिधियों की सक्रियता भी सामने आई है। क्षेत्र के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने इस मामले को केंद्रीय स्तर पर उठाया, जिसके बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने पत्र के माध्यम से परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी है। मंत्री द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार एनएच-135 सी मार्ग प्रयागराज से प्रारंभ होकर कोरांव, इमिलिया और हंडिया होते हुए म.प्र. के बगदरा, चितरंगी और सिंगरौली को जोड़ता है। इस महत्वपूर्ण मार्ग के विकास के लिए इसे दो लेन विद पक्के शोल्डर (2 एल+पीएस) मानक में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
डीपीआर तैयार कराने सलाहकार नियुक्त
मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए डीपीआर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए सलाहकार की नियुक्ति कर दी है और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया वर्तमान में प्रगति पर है। डीपीआर रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रशासनिक और तकनीकी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह सड़क परियोजना साकार होती है तो सिंगरौली और प्रयागराज के बीच आवागमन काफी सुगम हो जाएग, साथ ही व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी यह मार्ग क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित यह सड़क परियोजना जल्द ही धरातल पर उतर सकेगी।
संवाददाता:- आशीष सोनी

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