तीन दशक से बदहाली का शिकार उत्कृष्ट विद्यालय का खेल मैदान,अव्यवस्थाओ के कारण बदहाल हुआ इकलौता खेल मैदान



चितरंगी स्थानीय स्थित उत्कृष्ट विद्यालय का स्टेडियम इन दिनों अतिक्रमण और अव्यवस्था की मार झेल रहा है। क्षेत्र का इकलौता स्टेडियम होने के बावजूद इसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।

खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए बने इस मैदान पर अब अतिक्रमणकारियों की नजरें जम गई है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देने से बचते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार स्टेडियम के केवल एक हिस्से में दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जबकि शेष तीन ओर न तो कोई सुरक्षा इंतजाम है और न ही बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे खिलाड़ि़यों और दर्शकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर प्रतियोगिताओं के दौरान अव्यवस्था और अधिक बढ़ जाती है। कुछ लोगों द्वारा आसपास की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है, जिससे मैदान का क्षेत्रफल सिकुड़ता जा रहा है। जबकि इस मैदान में सभी प्रकार के शास.एवं अशास. कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं, फिर भी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को मैदान की दुर्दशा नजर नही आती है।

नगर का इकलौता स्टेडियम दुर्दशा का शिकार

स्थानीय नागरिकों और खेल प्रेमियों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं को उचित मंच नहीं मिल पा रहा है। खेल से जुड़े युवाओं का कहना है कि यदि स्टेडियम को अतिक्रमण मुक्त कर आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं, तो यहां से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकल सकते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति में मैदान की दुर्दशा उनके उत्साह को कम कर रही है। खेल प्रेमी ने प्रशासन से मांग की है कि स्टेडियम को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और चारों ओर समुचित बैठने व सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही नियमित निगरानी की व्यवस्था भी की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक चितरंगी के इस इकलौते स्टेडियम को उसकी खोई पहचान वापस मिल पाती है।

संवाददाता :- आशीष सोनी