छोटे शहर से बड़ी उड़ान: अशोकनगर के चितवन जैन बने UPSC में ऑल इंडिया 17वें टॉपर
दूसरे प्रयास में हासिल की बड़ी सफलता
कठिन मानी जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा में इतनी ऊँची रैंक प्राप्त करना चितवन जैन की लगातार मेहनत, अनुशासन और धैर्य का परिणाम है। उनकी इस सफलता से पूरे अशोकनगर जिले में खुशी का माहौल है और युवा वर्ग के लिए यह एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।
अशोकनगर से शुरू हुआ शिक्षा का सफर
चितवन जैन की प्रारंभिक शिक्षा अशोकनगर में ही हुई। हाईस्कूल तक की पढ़ाई यहीं पूरी करने के बाद वे हायर सेकेंडरी शिक्षा के लिए भोपाल चले गए। इसी दौरान उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया और उसी दिशा में तैयारी शुरू कर दी।
दिल्ली यूनिवर्सिटी से किया ग्रेजुएशन
हायर सेकेंडरी के बाद चितवन ने University of Delhi से बी.कॉम की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने गंभीरता से UPSC की तैयारी शुरू की। सुविचारित रणनीति और निरंतर अध्ययन के बल पर उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में ही देशभर में 17वीं रैंक हासिल कर ली।
पिता ने जताई खुशी
चितवन के पिता मनीष जैन, जो एक व्यवसायी हैं, ने बेटे की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि चितवन शुरू से ही लक्ष्य-केंद्रित और मेहनती रहा है। ग्रेजुएशन के बाद उसने पूरे समर्पण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की और चार वर्षों की मेहनत के बाद यह सफलता हासिल की।
युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
चितवन जैन की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों के विद्यार्थी भी बड़े सपने देख सकते हैं और कड़ी मेहनत से उन्हें पूरा कर सकते हैं। उनकी सफलता अशोकनगर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।
संवाददाता :- अवधेश दांगी

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