भंडारे का भोजन बना बीमारी की वजह: दमोह के मोहरा गांव में 25 ग्रामीण बीमार


मध्यप्रदेश के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के ग्राम मोहरा में शुक्रवार रात अचानक करीब 25 ग्रामीणों के बीमार पड़ने से हड़कंप मच गया। सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद तत्काल तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जबकि कुछ गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार...

दो दिन पहले गांव के माता मंदिर के पास आयोजित भंडारे में उन्होंने भोजन किया था। इसके बाद धीरे-धीरे लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और उल्टी-दस्त की समस्या सामने आई। शुक्रवार रात हालत अधिक खराब होने पर बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे।

बीमार ग्रामीणों में गुड्डी बाई लोधी, खिलान लोधी, संजय लोधी और विक्रम लोधी सहित अन्य लोग शामिल हैं। विक्रम लोधी ने बताया कि भंडारे से लौटने के बाद उन्हें अचानक पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत हुई, जिसे शुरुआत में उन्होंने सामान्य समझा, लेकिन बाद में स्थिति गंभीर हो गई।

वहीं, संजय लोधी ने आशंका जताई कि भंडारे के भोजन में गड़बड़ी के कारण ही लोग बीमार हुए हैं। उन्होंने बताया कि केवल वही लोग प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने प्रसादी ग्रहण की थी। भंडारे में गक्कड़ और भर्ता परोसा गया था।

घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश अवस्थी ने बताया कि यह फूड प्वाइजनिंग का मामला है, जो भोजन के कारण हुआ है, किसी संक्रामक बीमारी का प्रकोप नहीं है।

सीबीएमओ डॉ. अशोक बरौनया के अनुसार

 सभी मरीजों की हालत अब स्थिर है और अधिकांश खतरे से बाहर हैं। कुछ मरीजों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है, जबकि अन्य को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग गांव में अन्य लोगों की भी जांच कर रहा है और बीमारी के सटीक कारण का पता लगाने में जुटा हुआ है। इस घटना ने सामूहिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संवाददाता : किशोर कुशवाह