रीवा में किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर ठगी; सर्राफा व्यापारी से 56 लाख ऐंठे, कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट पकड़ने के बाद बड़ा खुलासा...



कानुपर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट पकड़ाने के बााद अब मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक सर्राफा व्यापारी की पत्नी का किडनी ट्रांसप्लांट कराने के नाम पर 56 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को भोपाल के बड़े निजी अस्पताल से जुड़ा बताया और प्रभावशाली परिवार का बेटा होने का दावा कर व्यापारी का भरोसा जीत लिया। चार से पांच महीनों के दौरान अलग-अलग खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली गई। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को जिला हरदा से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से रिमांड पर पूछताछ जारी है।


किडनी बीमारी से शुरू हुई कहानी:

रीवा निवासी सर्राफा व्यापारी दिलीप सोनी की पत्नी की तबीयत अगस्त 2025 में अचानक बिगड़ गई थी. अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने किडनी की गंभीर बीमारी बताई और किडनी ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी। इसके बाद व्यापारी अपनी पत्नी के इलाज के लिए संभावित किडनी डोनर और बेहतर अस्पताल की तलाश में जुट गए. इसी बीच उनके परिवार के संपर्क के जरिए एक युवक से मुलाकात हुई, जिसने उनकी परेशानी का फायदा उठाया।


भोपाल के बड़े अस्पताल का दिया झांसा:

पीड़ित की बहन की बेटी इंदौर में पढ़ाई करती थी, जहां उसके साथ पढ़ने वाले युवक प्रियांशू पवार उर्फ आयुष पवार से किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर बातचीत हुई. युवक ने खुद को भोपाल के बंसल अस्पताल से जुड़ा बताया और बड़े व्यापारिक परिवार का बेटा होने का दावा किया। प्रभावशाली पृष्ठभूमि और आत्मविश्वास भरी बातों के चलते सर्राफा व्यापारी को उस पर भरोसा हो गया। आरोपी ने कहा कि वह भोपाल में आसानी से किडनी ट्रांसप्लांट करवा देगा, बस समय-समय पर खर्च के लिए पैसे देने होंगे।



चार-पांच महीनों में 56 लाख रुपये ऐंठे:

आरोपी ने व्यापारी को अपने जाल में फंसाकर करीब चार से पांच महीनों में लगभग 56 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए. भरोसा बनाए रखने के लिए उसने कई फर्जी दस्तावेज, सर्टिफिकेट और मेडिकल से जुड़े कागज व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे। इन नकली कागजों के कारण व्यापारी को लंबे समय तक ठगी का शक नहीं हुआ और वह लगातार पैसे देता रहा।


पैसे मांगने पर खुली पोल:

जब काफी समय बीतने के बावजूद ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो सर्राफा व्यापारी को संदेह हुआ. उन्होंने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन आरोपी ने साफ मना कर दिया. इसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तत्काल सिटी कोतवाली रीवा थाने में पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई. साथ ही इस मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को भी दी गई.


हरदा से आरोपी गिरफ्तार:

शिकायत मिलते ही पुलिस कप्तान के निर्देश पर सिटी कोतवाली थाना प्रभारी श्रृंगेश सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई और उसे जिला हरदा से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस आरोपी को हरदा से रीवा लेकर आई, जहां उसे न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को रिमांड पर भेज दिया है, ताकि उससे ठगी की पूरी साजिश और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में पूछताछ की जा सके।


पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी प्रियांशू पवार उर्फ आयुष पवार, उम्र 24 वर्ष, जिला हरदा का निवासी है. वह लाला लाजपत राय वार्ड क्षेत्र में रहता है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं उसने इसी तरह की ठगी अन्य लोगों के साथ तो नहीं की। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


संवाददाता- कुणाल कुर्मी