“जाति से ऊपर कुछ नहीं… ब्राह्मणों को एकजुट होना होगा” — भाजपा विधायक गोपाल भार्गव के बयान से मध्यप्रदेश की सियासत में मचा धमाका


मध्यप्रदेश के सागर जिले में आयोजित ब्राह्मण समाज के प्रांतीय सम्मेलन में भाजपा के वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव ने एक बार फिर अपने बयान से राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज कर दी है। उन्होंने मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज की परिस्थितियों में “जाति के सामने पार्टी की भूमिका गौण हो जाती है”, और समाज की मजबूती ही असली शक्ति है।

“जाति के सामने पार्टी कुछ नहीं…” — भार्गव का बड़ा बयान

सम्मेलन को संबोधित करते हुए विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश ने कई बदलाव देखे हैं, लेकिन आज भी नौकरी, रोजगार, अधिकार और सामाजिक प्रतिष्ठा जैसी चीजें समाज की एकजुटता और वोटिंग शक्ति पर निर्भर करती हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा—

“अब समय आ गया है कि समाज के लोग संगठित हों। जाति के सामने कोई भी पार्टी बड़ी नहीं होती, यही राजनीति की वास्तविकता है।”

40 प्रतिभावान बच्चों का सम्मान, समाज को आगे बढ़ाने की अपील

कार्यक्रम के दौरान समाज के 40 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। साथ ही “प्रेम प्रसारिणी सनाढ्य सभा” की ओर से वार्षिक सामाजिक स्मारिका ‘सनाढ्य ज्योति’ का विमोचन भी किया गया।

भार्गव ने मंच से अपील की कि संपन्न परिवार आगे आकर गरीब विद्यार्थियों की मदद करें और कोचिंग सहित शिक्षा सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराएं।

“ब्राह्मण समाज को संगठित होना होगा” — पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान

यह पहला मौका नहीं है जब गोपाल भार्गव के बयान चर्चा में आए हों। इससे पहले फरवरी माह में भी उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा था कि कई संगठन ब्राह्मण समाज को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं और “कानून भी उनके खिलाफ बनते दिखाई दे रहे हैं।”

उन्होंने उस समय भी समाज से एकजुट रहने और हर राजनीतिक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की अपील की थी।

सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल

लगातार आ रहे ऐसे बयानों ने मध्यप्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। हाल के महीनों में कुछ प्रशासनिक और पूर्व अधिकारियों के सोशल मीडिया बयानों के बाद यह मुद्दा और अधिक संवेदनशील बन गया है।

इसी बीच सागर में हुए इस सम्मेलन ने एक बार फिर समाजिक एकता, आरक्षण, और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों को केंद्र में ला दिया है।

266 मेधावी छात्रों को मिला कौटिल्य सम्मान

सम्मेलन में 266 मेधावी विद्यार्थियों को ‘कौटिल्य सम्मान’ से नवाजा गया। कार्यक्रम में वैवाहिक स्मारिका का भी विमोचन किया गया, जिसे समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

संवाददाता:- स्वाति रजक