मध्य प्रदेश में रफ्तार का कहर: मंडला NH-30 पर बाइक भिड़ंत में तीन की मौत
मध्य प्रदेश की सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाही का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य की प्रमुख सड़कों पर हर साल सैकड़ों लोग घायल हो रहे हैं और दर्जनों अपनी जान गंवा रहे हैं। इसके बावजूद, सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन और सरकार की ओर से गंभीर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।इस कड़ी में मंडला जिले से एक और दुखद घटना सामने आई है। शुक्रवार देर रात, नेशनल हाईवे क्रमांक-30 के मंडला-रायपुर मार्ग पर चारटोला के पास दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई। इस हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
मृतक और घायल की जानकारी
पुलिस के अनुसार, हादसा गढ़ी थाना क्षेत्र में हुआ और सभी मृतक बिछिया थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। मृतकों में करंजिया माल के 36 वर्षीय जगदीश यादव, ग्राम जामुन टोला पंचायत के 32 वर्षीय मोनिष मोंगरे और 30 वर्षीय संकित टांडीया शामिल हैं।घायल युवक का इलाज बिछिया अस्पताल में चल रहा है, जहां चिकित्सक उसकी गंभीर स्थिति पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए।
मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का बढ़ता संकट
राज्य में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग और वाहन चलाते समय लापरवाही मुख्य कारण हैं। 2025 में राज्य में दर्जनों सड़क हादसों में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है।सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग बार-बार चेतावनी दे रहे हैं कि, यदि प्रशासन और सरकार प्रभावी कदम नहीं उठाते हैं, तो हादसों की संख्या और बढ़ सकती है।
प्रशासनिक कार्रवाई और चुनौती
स्थानीय पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, व्यापक स्तर पर सड़क सुरक्षा उपाय न होने से लोग असुरक्षित बने हुए हैं। जनता का कहना है कि प्रशासन केवल हादसों के बाद रिपोर्ट बनाकर कार्रवाई करता है, लेकिन हादसों को रोकने के लिए ठोस रणनीति अपनाई नहीं जा रही।मंडला जिले का यह NH-30 हादसा एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि क्या मध्य प्रदेश सरकार और प्रशासन सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं, या केवल आंकड़ों तक सीमित रहकर राहत पा रहे हैं।
संवाददाता:- स्वाति रजक

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