राजघाट पहुंचीं सागर कलेक्टर पाल, पेयजल गुणवत्ता और सप्लाई सिस्टम देखा, बंडा में लगाई रात्रि ग्राम चौपाल, सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

सागर शहर की लाइफ लाइन राजघाट जल परियोजना का रविवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल ने निरीक्षण कर पेयजल गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने लॉग बुक की जांच करते हुए जल गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली का अवलोकन किया और मौके पर जल नमूने की जांच कराई, जिसमें पानी का pH स्तर 7.30 पाया गया, जो मानक के अनुरूप है।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नगर निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री सहित अधिकारियों से सप्लाई की शुद्धता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। केमिस्ट से परीक्षण प्रक्रिया, उपयोग किए जा रहे रसायनों और गुणवत्ता नियंत्रण के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने क्लोरीन हाउस का निरीक्षण किया और 5.7 एमएलडी क्षमता वाले फिल्टर हाउस में स्थापित स्काड़ा सिस्टम का अवलोकन कर निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि जल आपूर्ति में कहीं भी लीकेज या दूषित पानी की स्थिति न बने, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग जरूरी है। नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

अधिकारियों ने बताया कि राजघाट परियोजना से शहर के 48 वार्ड, मकरोनिया के 18 वार्ड और छावनी क्षेत्र सहित करीब 6 लाख आबादी को पानी मिलता है। परियोजना की संग्रहण क्षमता 62.67 लाख घन मीटर है, जबकि फिल्टर हाउस की क्षमता 88.20 एमएलडी है। नगर में 8 ओवरहेड टैंक और करीब 430 किमी पाइपलाइन नेटवर्क स्थापित है। संचालन का जिम्मा टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड के पास है। कलेक्टर ने नए आरटीओ कार्यालय के पास प्रस्तावित बस स्टैंड स्थल का भी निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।

शासन की लोक हितकारी योजनाओं का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक देना पहली प्राथमिकता। उक्त विचार कलेक्टर पाल ने बंडा में रात्रि ग्राम चौपाल आयोजित करते हुए वक्त किए। कलेक्टर पाल ने सागर जिले की बंडा जनपद पंचायत के ग्राम कांटी में रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से सुना। जहाँ उन्होंने पेयजल, बिजली, सड़क, पेंशन, राजस्व, जैसी विषयों से जुड़ी शिकायतों का अवलोकन किया।
ग्राम चौपाल में प्राप्त ग्रामीणों के आवेदनों पर संवेदनशीलता पूर्वक विचार करते हुए उन्होंने उपस्थित संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक बिना किसी विलंब के पहुँच सके। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि आमजन शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं और भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित करें। उन्होंने धन के अर्जन के साथ-साथ उसके सही नियोजन का गणित भी समझाया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि परिवार की प्राथमिकता बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य होनी चाहिए। उन्होंने नशामुक्ति को परिवार की उन्नति के लिए अनिवार्य बताया और सचेत किया कि यदि मुखिया नशा करता है, तो यह नशा की आदत पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती जाती है, इसलिए समाज में रोका-टोकी और टोका-टाकी की संस्कृति विकसित कर नशे को जड़ से मिटाएं। स्वयं भी नशा से दूर रहें और दूसरों को भी नशा से दूर रहने में मदद करें। इसी प्रकार अपने बच्चों पर भी नजर रखें कि वो भी किसी भी प्रकार के नशा की आदत में न पड़ें। साथ ही, उन्होंने वर्तमान युग में इंटरनेट के सुरक्षित और ज्ञानवर्धक उपयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए अभिभावकों से बच्चों को सही-गलत का अंतर समझाने और उन्हें कुसंगति से बचाने का आह्वान किया।