बीना रिफाइनरी में स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं, सीएसआर फंड में हेराफेरी की शिकायत

बीना रिफाइनरी में स्थानीय युवाओं को नौकरी न मिलने और मजदूरों की समस्याओं को लेकर सोमवार को पार्षद बीडी रजक ने प्रदर्शन किया। रिफाइनरी के गेट नंबर एक पर जाने से पुलिस ने रोका, तो पार्षद ने पास में ही अन्न-जल त्यागकर धरना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि जब तक स्थानीय लोगों को उनका हक नहीं मिलता, उनका विरोध जारी रहेगा। पार्षद बीडी रजक का आरोप है कि रिफाइनरी में काम करने वाली कंपनियां बाहर के लोगों को काम दे रही हैं, जबकि स्थानीय बेरोजगार भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए कोई स्किल सेंटर भी नहीं बनाया गया। साथ ही, कंपनियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने रिफाइनरी के प्रतिबंधित इलाके में अतिक्रमण कर रखा है, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है।

मजदूरों का शोषणः 8 की जगह 12 घंटे काम

धरने के दौरान मजदूरों की बदहाली का मुद्दा भी गरमाया। पार्षद ने बताया कि रिफाइनरी में काम करने वाले मजदूरों को न तो समय पर सैलरी मिल रही है और न ही उनका पीएफ (PF) और ईएसआई (ESI) जमा किया जा रहा है। मजदूरों से दिन में 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें न्यूनतम मजदूरी तक नसीब नहीं हो रही है।

सीएसआर फंड में हेराफेरी की शिकायत

पार्षद ने रिफाइनरी के सीएसआर (CSR) फंड को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक इस पैसे का इस्तेमाल स्थानीय गांवों और शहर के विकास में होना चाहिए, लेकिन अधिकारियों ने इसमें बंदरबांट कर रखी है। न तो गांवों में कोई काम हुआ और न ही शहर में विकास दिखा। पार्षद ने चेतावनी दी है कि वे अपने क्षेत्र के युवाओं और हक के लिए यह लड़ाई जारी रखेंगे ।