गर्मी शुरू होते ही बिजली की मार: सागर में अव्यवस्थित कटौती से जनता परेशान
गर्मी की शुरुआत के साथ ही शहर में बिजली कटौती का सिलसिला तेज हो गया है, जिससे आम उपभोक्ता परेशान हैं। हालात यह हैं कि कभी एक ही दिन में दो से तीन बार बिजली चली जाती है, तो कई बार घंटों तक सप्लाई बहाल नहीं होती। ऊपर से बिजली कंपनी की लापरवाही यह कि मेंटेनेंस जैसी जरूरी जानकारी भी समय पर नहीं दी जा रही।
हाल ही में कंपनी ने सुबह 7 बजे होने वाले मेंटेनेंस की सूचना रात करीब ढाई बजे एसएमएस के जरिए भेजी। जाहिर है, इतनी देर रात भेजे गए संदेश को अधिकांश लोग देख ही नहीं पाए। नतीजा यह हुआ कि सुबह अचानक बिजली बंद होते ही लोग बिना किसी तैयारी के असुविधा में फंस गए। अगर सूचना एक दिन पहले या कम से कम शाम तक दे दी जाती, तो उपभोक्ता वैकल्पिक व्यवस्था कर सकते थे।
कंपनी का दावा है कि मेंटेनेंस कार्य बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे हैं, लेकिन सवाल उठता है कि क्या केवल कटौती करना ही सुधार है? जब सूचना व्यवस्था इतनी कमजोर हो, तो इसका खामियाजा सीधे जनता को भुगतना पड़ता है। घरेलू कामकाज, छोटे व्यवसाय और रोजमर्रा की जरूरतें इस अव्यवस्था से प्रभावित हो रही हैं।
दूसरी ओर, बिजली बिल लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी और भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि अनियमित सप्लाई के बावजूद भारी भरकम बिल देना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है। सागर जैसे शहर में जब यह स्थिति है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की परेशानी का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
शुक्रवार को भी करीला उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक मेंटेनेंस कार्य के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रहने वाली है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार उपभोक्ताओं को समय रहते सूचना दी गई है, या फिर एक बार फिर लोग अचानक कटौती का सामना करेंगे?
अब जरूरत है कि प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान दें और बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली में सुधार सुनिश्चित करें, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और व्यवस्था पर भरोसा कायम रहे।
संवाददाता:–स्वाति रजक

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