भगवान परशुराम के आदर्शों से ही समाज में एकता, संस्कार मजबूत होंगे
भगवान परशुराम प्राकट्योत्सव के उपलक्ष्य में सनातन ब्राह्मण महासभा, जिला नरसिंहपुर द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में भाजपा नेता अभिषेक भार्गव शामिल हुए। उन्होंने कहा भगवान परशुराम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि धर्म, साहस, त्याग और न्याय के जीवंत आदर्श हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में एकता, संस्कार और नैतिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है। भार्गव ने कहा आज की युवा पीढ़ी को भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति केवल परंपरा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ पद्धति है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में तेंदूखेड़ा के पूर्व विधायक संजू शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रामसनेही पाठक, नरसिंहपुर नगर पालिका अध्यक्ष नीरज महाराज, राजीव हजारी, डॉ. जीसी दुबे, प्रकाश दीक्षित, रितेश महाराज, नीटू सोनकिया, मनीष पाठक, रूपक पाठक, प्रियांशु महाराज सहित बड़ी संख्या में विप्र समाज की मातृशक्ति, विप्र बंधु मौजूद थे।
वेदिका फाउंडेशन की अध्यक्ष शिल्पी अभिषेक भार्गव रहली विधानसभा क्षेत्र में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुईं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की तथा कथा व्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कथा श्रवण कर धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के महत्व पर अपने विचार रखे। शिल्पी भार्गव ने कहा श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा देने का सशक्त माध्यम है। कथा के माध्यम से व्यक्ति को जीवन के आदर्शों, कर्तव्यों और मानवता की सेवा का संदेश मिलता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, सहयोग और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। कथा में शामिल होकर मन को शांति और आत्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है, जो जीवन को सही दिशा देने में सहायक बनती है। कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

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