दमोह को विकास की राह पर ले जाने का संकल्प: नए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने संभाला पदभार
दमोह। जिले के 46वें कलेक्टर के रूप में प्रताप नारायण यादव ने सोमवार को पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालते ही उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी प्राथमिकता दमोह को पिछड़ेपन से निकालकर एक विकसित जिले के रूप में स्थापित करना है।
पदभार ग्रहण करने के बाद कलेक्टर ने अधिकारियों और पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने पहली ही बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। साथ ही उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालय और फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान करें।
कलेक्टर ने जिले की साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने अस्पतालों में सुधार के निर्देश देते हुए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल समस्या पर भी कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। पीएचई विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने केवल नई मशीनों की मांग पर नाराजगी जताई और कहा कि “सिर्फ डिमांड करने से काम नहीं चलेगा।” उन्होंने 106 प्रभावित गांवों में तत्काल बोरिंग और मोटर स्थापित करने के लिए ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कृषि क्षेत्र को लेकर भी कलेक्टर गंभीर नजर आए। उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों की भीड़ को देखते हुए उपज की समय पर खरीदी और भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही जिले में बेरोजगारी कम करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
कलेक्टर ने बताया कि जल्द ही सभी विभागों के साथ समन्वय कर दमोह के समग्र विकास के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिससे जिले की तस्वीर बदली जा सके।
संवाददाता : किशोर कुशवाहा

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